व्यापार बाधा निवारण मंत्र

व्यापार बाधा निवारण मंत्र व्यापार बाधा निवारण मंत्र के जरिये आप ऐसे बंधन को काट सकते है या अपने बंधे हुए व्यापार को खोल सकते है क्युकी बहुत बार ऐसा होता है जब कोई व्यक्ति जलनवश या किसी दुश्मनी के वजह से या अपने फायदे के लिए किसी की रोजी रोटी को तंत्र विद्या के द्वारा बाँध देता है ऐसे में व्यक्ति के दूकान की आमदनी बंद हो जाती है, ग्राहक दुकान पर चढ़ना ही बंद कर देते है और इंसान दिनभर दुकान पर मक्खी मारता रह जाता है मगर बिक्री नहीं होती बिक्री खोलने का मंत्र के जरिये आप अपने दुकान की बरकत कर सकते है और बिक्री को बढ़ा सकते है | बहुत बार ऐसा भी होता है जब कोई व्यक्ति जो धन से मजबूत हो तो तांत्रिक के द्वारा इष्ट को आपके दूकान पर बैठा सकता है मंत्रो द्वारा जो की अक्सर भभूति शमशान की राख, निम्बू सिन्दूर के जरिये बैठाया जाता है, बैठा देता है ऐसे में आप चाहे लाख उपाय करले कितने भी टोन टोटके करले ज्योतिष रेमेडीज टोटके करले कोई भी फायदा नहीं होता उल्टा और नुकसान होना सुरु हो जाता है ऐसा इसलिए होता है की व्यापार बाधा दो कारण से आती है या तो आपके गृह गोचर बहुत ही ख़राब हो जाये या फिर किसी के द्वारा आपका व्यापार रोजी रोटी बाँध दिया गया हो | तांत्रिक के द्वारा व्यापार बंधन दो तरीके से किया जाता है जिसमे एक है अभिचार कर्म जिसमे तंत्र मंत्र यन्त्र के सहायता से आपकी रोजी रोटी को बाँध दिया जाता है जिसको की आप उपाय और टोटके के मदत से यन्त्र और पूजा के माध्यम से काट भी सकते है और दूसरा विधि है किसी इष्ट को आपके दुकान पर बैठा दिया गया हो जैसे की डाकिनी, शाकिनी, पिसाच, दलिदर, मरी, भवानी ये मशानि शक्तिया होती है जिनको बलि पूजा देकर निम्बू में रख में करके रख दिया जाता है उसके दुकान के पास जिसकी बिक्री को बांधना हो उसके बाद समस्या सुरु हो जाती है और जबतक कोई ऐसा प्रबल तांत्रिक न मिले जो की इन शक्तियों को भगा सके तबतक समस्या बानी रहती है

आइये आज आपको बताते है व्यापार बाधा निवारण मंत्र ऐसे ही कुछ उपाय के बारे में जिनसे बिक्री को खोला जा सकता है और अपने दुकान का बंधन तोडा जा सकता है व्यापार बाधा निवारण मंत्र विधि जब भी उपयोग करे इसको हमेशा गुप्त ही रखे और किसी को बतलाये नहीं ।

  • रोज पीपल या बरगद के नीचे चौ मुखी दीपक लगाएं। एक पाठ विष्णुसहस्त्रनाम रोज करें। महीने के प्रथम गुरुवार से इस प्रयोग को शुरू करें नियमित रूप से 186 दिन तक इस प्रयोग को करें।

 

  • ऑफिस या दुकान में अधिक से अधिक पीले रंग का प्रयोग करें। पूजाघर में हल्दी की माला लटकाएं। भगवान लक्ष्मी नारायण के मंदिर में लड्डुओं का भोग लगाएं

 

  • शनिवार के दिन रक्तगुंजा के इक्कीस दाने बांधकर तिजोरी में रख दें। हर रोज दीप अवश्य लगाएं।

 

  • मिट्टी के पांच बर्तन लेकर उनमें सवा किलो जौ, सवा किलो उड़द, सवा किलो साबूत मुंग, सवा किलो सफेद तिल, सवा किलो पीली सरसों इन सभी को पांच पात्रों में भरकर पात्र के मुंह को लाल कपड़े से बांध दे। व्यवसायिक स्थल पर इन पांचों कलश को रख दें। एक साल बाद इन सभी पात्रों को अपने ऊपर से उतारकर नदी में प्रवाहित कर दें।

 

  • हर शाम गोधूली बेला में लक्ष्मीजी की तस्वीर के सामने गाय के घी का दीपक लगाएं। दीपक जलाने के बाद उसके अंदर अपने इष्ट देव का ध्यान करके एक इलायची डाल दें। इस प्रयोग को नियमित रूप से 186 दिन तक करें।

अगर ये उपाय करने के बाद भी आपको राहत नहीं मिल रही हो और दुकान की बिक्री नहीं हो रही हो तो किसी उच्च कोटि के तांत्रिक से परामर्श ले ताकि बंधन को तोडा जा सके और जो भी शक्ति विराजमान हो उसको भगाया जा सके |

अगर आपकी दुकान न चल रही हो और आप आर्थिक समस्या से ग्रषित हो और दुकान न चल रही हो और आपके पास उचित तांत्रिक भी उपलब्ध न हो तो आप हमसे परामर्श ऑनलाइन ले सकते है | हमारे द्वारा सिद्ध यन्त्र और ताबीज इत्यादि दिए जाते है जिनसे किसी भी प्रकार का बंधन दुकान पर हो तो उसको खोला जा सकता है हमारे द्वारा बंधन खोलने के समाधान भी दिए जाते है

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