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Kuber Mantra Sadhana

Tantra Mantra

कुबेर मंत्र साधना के माध्यम से आय में बढ़ोतरी, धन सुख समृद्धि प्राप्त किया जा सकता है मगर ये भी सत्य है की बिना मेहनत के कर्म के फल प्राप्ति नहीं होती मगर बहुत बार ऐसा होता है जब आप कड़ी मेहनत करते है बहुत प्रयास करते है फिर भी आपको फल नहीं मिलता और धन सुख समृद्धि से वंचित रह जाते है | इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो कर्म न करता हो हर आदमी प्रतिदिन अपना कर्म करता है मेहनत करता है मगर हर कोई अमीर नहीं बन पता क्युकी अमीर व्यक्ति तभी बन सकता है जब उसका भाग्य प्रबल हो कर्म के सहारे अच्छा जीवन जरूर जिया जा सकता है पैसे भी कमाए जा सकते है मगर धनवान हर कोई नहीं बन सकता | पैसा तो हर कोई कमाता है मगर उसका सुख आनंद हर कोई नहीं ले पता इसका मुख्या कारण होता है आपके गृह और उनकी महादशा अन्तर्दशा जिनका अगर सूक्छम अध्यन किसी अचे ज्योतिष से करवा लिया जाये तो बहुत हद तक धन समस्या से बचा जा सकता है और साथ ही अगर व्यक्ति ज्योतिष के साथ साथ तंत्र मार्ग को भी साध ले तो भाग्य को बलि किया जा सकता है और धन सुख समृद्धि सबकुछ प्राप्त किया जा सकता है | कुबेर मंत्र साधना भी ऐसी ही मंत्र साधना सिद्धि है जिसके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लाभ अर्जित किया जा सकता है और कुबेर की कृपा से धन वैभव प्राप्त करना सरल हो जाता है तो आइये जानते है कुबेर साधना करने के नियम और विधि

सर्वप्रथम कुबेर की प्रतिमा किसी शुभ मुहूर्त में घर लाये और साथ में कुबेर यन्त्र जो की चाँदी पर निर्मित हो ले आये और उसको विधिवत मंत्रो के द्वारा सिद्ध करे और प्राण प्रतिष्ठा करवाए उसके बाद कुबेर प्रतिमा के ऊपर पीले पुष्प की माला, धन, कौड़ी, और मिष्ठान अर्पित करे और वस्त्र अर्पिर्त करे उसके बाद जब पूजन संपन्न हो जाये तो इसी विधि से कुबेर यन्त्र का पूजन करे और कुबेर यन्त्र के पूजन के उपरांत अपने नाम गोत्र से संकल्प ले और संकल्प को कुबेर को साक्षी मानकर अर्पित करदे उसके बाद अब निचे दिए गए मंत्र का स्फटिक के माला से ११ माला जप करे या जप आप अपने सामर्थ्य अनुशार २१ माला ५१ माला १०१ माला भी कर सकते है आपको १,२५,००० मात्रा जप पुरे करने होते है उसके बाद इसी मंत्र से हवन भी करे १२५०० मंत्रो से हवन करना उत्तम होता है हवन में पंचमेवा, चन्दन की लकड़ी, गुल्लर की लकड़ी, सेसमे की लकड़ी का उपयोग जरूर करे हवन के उपरान्त गरीबो को भोजन कराये और साधना संपन्न करे उसके बाद कुबेर प्रतिमा और कुबेरयंत्र को अपने गल्ले या दुकान पर जहा आप बैठते हो जहा से आप अपना कार्य करते हो वह स्थापित करे और रोज पूजन करे इसको करने से आपकी समस्त आय की समस्या और धन सम्बन्धी दिक्कत दूर हो जाएगी परन्तु ये ध्यान अवस्य दे की हर दीपवाली की रत आपको फिर से प्रतिमा और यन्त्र को जाग्रित करना होगा और ये हर साल करना होगा तभी आप लगातार धन सुख समृद्धि का आनंद ले पाएंगे |

|| ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहित दापय स्वाहा ||

श्री कुबेर यन्त्र साधना

कुबेर यन्त्र साधना सिद्धि के लिए ये साधना नवरात्री या धनतेरस या दीपवाली की रात सुरु करे इसकेलिए सुबह मुहूर्त का भी ध्यान रखे, सर्वप्रथम कुबेर यन्त्र साधना सिद्धि के लिए रात्रि काल में स्नान उपरांत लाल वस्त्र धारण करे उसके बाद भोजपत्र या तामपत्र पर शुद्ध और असली अस्टगंध से कुबेर यन्त्र की रचना करे कलम के लिए पारिजात की लकड़ी या अनार की लकड़ी उपयोग करे उसके बाद पक्षिम दिशा के और मुख करके बैठे और लाल चन्दन और लाल फूल पीले फूल इत्यादि से यन्त्र का षोड़ोपचार पूजन करे उसके बाद नैवैद्य चढ़ाये और उसके बाद यन्त्र पर संकल्प लेकर कुबेर मंत्र का जप करे यन्त्र को सिद्ध करने के लिए कम से कम ५१००० मंत्र का जप जरुरी है उसके बाद यन्त्र को अपने तिजोरी गल्ले या फिर अपने दुकान में स्थापित करदे यन्त्र से प्रभाव से धन आकर्षण होना सुरु हो जायेगा अगर आप ये क्रिया करने में असमर्थ है तो आप हमसे प्राण प्रतिस्ठित सिद्ध कुबेर यन्त्र प्राप्त कर सकते है जो की आपके नाम गोत्र से सिद्ध किया जायेगा

 

“श्री कुबेराय नमः” अथवा “ॐ श्रीं नमः”

जप की समाप्ति पर निम्न मन्त्र स्तुति का पाठ करें –

“कुबेर त्वं धनाधीश गृहे ते कमला स्थिता ।

तां देवी प्रेषया त्वं शू यद्-गृहे ते नमो नमः ।।”

जप पूरा हो चुकने पर हवन और दान करें । प्रारम्भिक दिवस में भी कुमारी कन्या को भोजन कराकर दक्षिणा दें । यह प्रयोग दरिद्रता-निवारण में अति प्रभावशाली है।

दरिद्रता निवारण कुबेर यन्त्र सिद्ध प्रयोग

किसी शुभ शुक्रवार के रात्रि कल में लकड़ी के चौकी पर पइसे हुए चावल से कुबेर यन्त्र की रचना करे उसके बाद यन्त्र के बिच में कुबेर भगवन का सिद्ध यन्त्र स्थापित करे और यन्त्र का पूजन करे उसके बाद लिखे हुए कुबेर यन्त्र के अंको में एक एक चाँदी के सिक्के रखते जाये और लिखे हुए श्लोक का हर बार उच्चारण करते रहे उसके बाद कुबेर मंत्र की २१ माला जाप करे इसके बाद प्रतिदिन ये नियम से श्लोक और मंत्र करते रहे इसके प्रभाव से जबतक ये यन्त्र स्थापित रहेगा तबतक धन की कोई कमी नहीं होगी और धन की आवक बढ़ जाएगी

 

 

 

“मनुज-बाह्य-विमान-वर-स्थितं, गरुड-रत्न-निभं निधि-नायकम् ।

शिव-सखं मुकुटादि-विभूषितं, वर-गदे दधतं भज तुन्दिलम् ।।

यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्याधिपतये

धन-धान्य-समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा ।।”

जप की समाप्ति पर निम्न स्तुति का पाठ करें –

“कुबेर त्वं धनाधीश गृहे ते कमला स्थिता ।

तां देवी प्रेषया त्वं शू यद्-गृहे ते नमो नमः ।।”

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